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कक्षा चौथी विषय हिन्दी पाठ 7 घरौंदा

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कक्षा चौथी विषय हिन्दी पाठ 7 घरौंदा

शिक्षण-संकेत : बच्चों से पशु-पक्षियों के संबंध में चर्चा करें। उन्हें बताएँ कि पशु-पक्षी हमारे मित्र और सहायक है। वे कई रूपों में हमारी सहायता करते हैं। पालतू पशुओं के संबंध में उनसे प्रश्न पूछे। कुत्ते की वफादारी के संबंध में कोई घटना सुनाएँ। बताएँ कि इस कहानी में भी बच्चों का पशु-प्रेम दर्शाया गया है। पाठ में प्रयोग किए गए मुहावरों को स्पष्ट करें उनका वाक्यों में प्रयोग करके अर्थ स्पष्ट करें और विद्यार्थियों से उनका वाक्यों में प्रयोग कराएँ ।

झुमरी कहाँ से आई किसी को नहीं मालूम। उसे किसी ने पाला भी नहीं था। वह गली में रहती और गली की डटकर रखवाली करती। गली का हर घर उसका अपना था। झुमरी गली-मुहल्ले के सभी बच्चों को बड़ी प्यारी थी। बच्चे दिन भर उसे घेरे रहते। अपने माँ-बाप के रोकने पर भी न रुकते। छिपा-छिपाकर रोटी का टुकड़ा ले. आते और उसे खिलाते।
इस बार झुमरी के पाँच पिल्ले पैदा हुए। बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा। हर बच्चा उन्हें छू-छूकर देखता और खुश होता । बच्चे कभी-कभी उन छोटे पिल्लों को रोटी का टुकड़ा खिलाने का प्रयत्न भी करते, पर छोटे पिल्ले अपनी माँ का दूध पीकर ही मस्त रहते। तब कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। झुमरी और उसके पिल्ले खुले आसमान के नीचे ही ठड़ी रात बिताते थे।
दूसरे दिन सब बच्चों ने देखा, एक पिल्ला मर गया। तीसरे दिन एक पिल्ला और चल बसा। किसी ने कहा, “बेचारा ठंड के मारे मर गया । इनका घर बनाना चाहिए।”
सबने हाँ-में- हाँ मिलाई-” हाँ ! बेचारों का घर बनना चाहिए।” थोड़ी देर बाद सब अपने-अपने घर चले गए। कौन घर बनाने की जहमत मोल ले? सब बच्चों के साथ अमिता भी रोज पिल्लों से खेलती। खेलकर घर आती तो माँ डॉटती, “तूने जरूर उन गंदे पिल्लों को हाथ लगाया होगा। कहना नहीं मानती।
चल, साबुन से हाथ धो।” मों के कहने से अमिता हाथ धोती, लेकिन एक विचार उसके मन में बराबर घुमड़ता रहता- रश्मि का घर है, दीपक का घर है, मेरा घर है, सबका घर है। झुमरी और उसके पिल्लों का घर क्यो नहीं है?”

वह सोचती- रात में मुझे लिहाफ में भी ठंड लगती है। पिल्लों के कपड़ा भी नहीं। इन्हें कितनी ठंड लगती होगी?”
उस रात को अमिता ने डरते-डरते अपनी माँ से कहा माँ, पिल्ले जाड़े में मरते हैं। बाहर वर्षा हो रही है। ठंडी हवा चल रही है। इन्हें के बरामदे में बैठा दो न?”
माँ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उलटे वे तो आगबबूला होकर अनिता लगी डोंटने-“तू तो पागल हो गई है, झुमरी, झुमरी के पिल्ले। हरदम इनकी रट लगा रहती है। मैं कल ही इनका इलाज कराती हूँ। नौकर से इन्हें दूर जंगल में छुड़वा दूंगी। न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी। चल, चुपचाप बैठकर अपना लिखने का काम पूरा कर।
माँ की डॉट-फटकार सुनकर अमिता सुबकने लगी। कल को झुमरी और उसके पिल्लों को दूर जंगल में छुड़वा दिया जाएगा। यह सोच-सोचकर वह व्याकुल हो उठी।
रोई और खूब रोई। रोते-रोते उसकी आँखें लाल हो गई।
माँ खाना लाई तो उसने उसकी ओर आँख उठाकर भी नहीं देखा। खाना रखकर माँ रसोई में काम निपटाने चली गई। एक घंटे बाद लौटीं तो खाना रखा पाया। अमिता सोई पड़ी थी।
माँ ने उसे आवाज दी। अमिता चुप। मों ने उसे झिंझोड़ा। वह तिल भर भी न हिली। वह तो न जाने कब से बेहोश पड़ी थी। उसका शरीर गरम तवे की तरह तप रहा था। माँ की चीख निकल गई। अमिता के पिता जी पत्नी की चीख सुनकर दूसरे कमरे से दौड़े-दौड़े आए।
डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने लड़की की जाँच की। तेज बुखार था। उन्होंने एक सुई लगाई। थोड़ी देर बाद लड़की ने आँखें खोल दी।
तब डॉक्टर बोले, “चिंता की कोई बात नहीं, अब यह ठीक है। इसे आराम करने दें।
डॉक्टर चले गए। अमिता को शीघ्र ही फिर नींद आ गई। मों को अभी तक मीद
आई भी न थी कि अमिता नींद में बार-बार बड़बड़ाने लगी, “माँ, पिल्ले कूं कूं बोल रहे हैं। इन्हें ठंड लग रही है। इन्हें मेरे पास लिहाफ में सुला दो, मां।

माँ ने बेटी को प्यार से थपथपाते हुए कहा, “कुछ नहीं है बेटी। चुपचाप सो जाओ।”
कुछ समय बीता। माँ भी बेटी की पीठ थपथपाती हुई सो गई। मुश्किल से दो घड़ी सोई होंगी, अचानक चौंककर उठ बैठीं। अमिता पलंग से गायब थी। एक जगह ढूंढा। हर जगह ढूंढा। अमिता वहाँ कहीं नहीं थी। खटपट सुनकर अमिता के पिता जी भी उठ बैठे। घर का कोना-कोना छान मारा, पर अमिता का कोई पता नहीं चला।
माता-पिता दोनों परेशान, लड़की कहाँ गई? सोचा, पड़ोसियों को जगाएँ।

पुलिस को सूचना दे। दोनों पति-पत्नी बाहर गली में आए और उन्होंने पड़ोसी रहमान साहब के मकान की घंटी का बटन दबाया। रहमान साहब अपनी ऊनी चादर कंधे पर डाले हुए दौड़े-दौड़े बाहर आए। रहमान साहब को अमिता के माता-पिता ने अपनी परेशानी सुनाई, भाई साहब! अमिता शाम से बीमार थी. अब अचानक घर से गायब हो गई है।
‘यह तो बड़ी परेशानी की बात है। क्या तुम लोगों ने उसे डॉट तो नहीं दिया था ? रहमान साहब ने पूछा।
पति-पत्नी दोनों में से कोई उत्तर न दे सका। अचानक रहमान साहब ने गली में दूर तक अपनी टार्च की रोशनी फेंकी। ऐसा लगा कि गली के दूसरे छोर पर कुछ है।
वहाँ पहुँचकर सबके आश्चर्य का ठिकाना न रहा। गली में पड़ी हुई गीली मिट्टी से चिनकर वहाँ एक छोटा-सा घर बनाया गया था। पुराने अखबार फैलाकर छत बनाई गई थी। फर्श की जगह पुराने अखबारों की गड्डी फैलाकर गुदगुदा बिछौना बिछाया गया था। उस पर सुलाए गए थे पिल्ले और इस घर के बाहर ठंड में बैठी थी एक लड़की, जिसके शरीर पर एक भी ऊनी वस्त्र न था। वह इस नन्हे-से घरौंदे के बाहर बैठी पिल्लों को प्यार से निहार रही थी। वह अमिता थी।

शब्दार्थ

प्रयत्न-कोशिश
कड़ाके की- बहुत जोर की

जहमत मोल लेना – परेशानी उठाना
आगबबूला होना- बहुत अधिक क्रोधित होना
ज्यों-का-त्यों- जैसा था वैसा ही
निहारना- प्यार से देखना
घरौंदा- छोटा घर
खुशी का ठिकाना न रहना- बहुत खुश होना।

प्रश्न और अभ्यास


प्रश्न 1 अमिता के मन में कौन-सा विचार घुमड़ता रहता था?
प्रश्न 2 अमिता को तेज बुखार किस कारण से आ गया ?
प्रश्न 3 घरौंदा से तुम क्या समझते हो?
प्रश्न 4 झूमरी के प्रति बच्चों का प्रेम जिन पंक्तियों से प्रकट होता हो, वे पंक्तियाँ लिखो।
प्रश्न 5 सोचो, विचारो और प्रश्नों के उत्तर लिखो।

क. अमिता के मन में पिल्लों को तंड से बचाने का भाव जागा। उसने उनके लिए घरौदा बनाया। क्या तुम्हारे मन में भी कभी किसी पशु-पक्षी भाव जागा है? उस समय तुमने क्या किया?
ख. अगर तुम अभिता की जगह होते तो पित्तों की मदद कैसे करते करती झुमरी को खिलाने के लिए बच्चे अपने अपने घर से रोटी छिपाकर लाते थे। इस तुम इसे ठीक समझते हो? हाँ, तो क्यों?

भाषातत्व और व्याकरण


समझो
इस बात में एक वाक्य आया है- न रहेगा बाँस. न बजेगी बाँसुरी। यह एक लोकोक्ति या कहावत है। इसका अर्थ है यदि कारण नहीं होगा तो कार्य भी नहीं होगा।
प्रश्न 1. (क) स लोकोक्ति का प्रयोग किसी अन्य प्रसंग में करो।
ख. एक अन्य लोकोक्ति सोचकर लिखो और इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
प्रश्न 2 नीचे दिए गए मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो।
क. ज्यो-का-त्यों
ख. ठिकाना न रहना
ग. आगबबूला होना
घ. कोना-कोना छान मारना।


इस वाक्य को पढ़ो।
बेचारा ठंड के मारे मर गया। मारे का अर्थ है कारण। इस वाक्य का अर्थ है-
बेचारा ठंड के कारण मर गया।
प्रश्न 3 इसी प्रकार के दो नए दाक्य बनाओ, जिनमें मारे शब्द का प्रयोग हुआ हो।

गीता ने रमीला को साईकिल सिखाई।
बानो ने शबनम को किताब दी।
इन दोनों वाक्यों में ने दो नामों को जोड़ने का काम कर रहा है- पहले वाक्य में में
गीता और रमीला को तथा दूसरे वाक्य में बानो और शबनम को।
इसी तरह इन वाक्यों में को दो शब्दों को जोड़ने का काम कर रहा है- पहले वाक्य में रमीला और साईकिल को दूसरे वाक्य में शबनम और किताब को।

कक्षा चौथी विषय हिन्दी पाठ 7 घरौंदा