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भूमि संसाधन कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान भूगोल खंड पाठ 2

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भूमि संसाधन कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान भूगोल खंड पाठ 2

भूमि संसाधन

भूमि उपयोग वर्गीकरण


भारत में ग्रामीण भूमि उपयोग की विभिन्न श्रेणियां इस प्रकार हैं-

  • वन,
  • बंजर तथा कृषि अयोग्य भूमि,
  • गैर-कृषि उपयोग हेतु प्रयुक्त भूमि,
  • कृषि योग्य बंजर,
  • स्थायी चारागाह एवं पशुचारण,
  • वृक्षों एवं झाड़ियों के अंतर्गत भूमि,
  • चालू परती,
  • अन्य परती,
  • शुद्ध बोया गया क्षेत्र, और
  • एक से अधिक बार बोया गया क्षेत्र।

नगरीय भूमि उपयोग इससे भिन्न होता है।

सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण

भूमि उपयोग

भू अधिग्रहण अधिनियम २०१३

मृदा

पृथ्वी के ऊपरी सतह पर मोटे, मध्यम और बारीक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को ‘मृदा’ मिट्टी कहते हैं।

भू निम्नीकरण और संरक्षण उपाय

परदन (Erosion) वह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें चट्टानों का विखंडन और परिणामस्वरूप निकले ढीले पदार्थों का जल, पवन, इत्यादि प्रक्रमों द्वारा स्थानांतरण होता है। अपरदन के प्रक्रमों में वायु, जल तथा हिमनद और सागरीय लहरें प्रमुख हैं।

समुद्रतट पर लहरों और ज्वारभाटा की क्रिया के कारण पृथ्वी के भाग टूटकर समुद्र में विलीन होते जाते हैं। मिट्टी अथवा कोमल चट्टानों के अलावा कड़ी चट्टानों का भी इन क्रियाओं से धीरे धीरे अपक्षय होता रहता है। वर्षा और तुषार भी इस क्रिया में सहायक होते हैं। वर्षा के जल में घुली हुई गैसों की रासायनिक क्रिया के फलस्वरूप, कड़ी चट्टानों का अपक्षय होता है। ऐसा जल भूमि में घुसकर अधिक विलेय पदार्थों के कुछ अंश को भी घुला लेता है और इस प्रकार अलग्न हुए पदार्थों को बहा ले जाता है।

भूमि प्रबंधन

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