जीवों का विकास कक्षा 10वीं पाठ 1

जीवों का विकास में आये मुख्य शब्द की परिभाषायें :- जैव-विकास (Organic evolution) क्या है?
प्रजाति की परिभाषा क्या है ?
अनुकूलन क्या है?
प्राकृतिक चयन क्या है?
कृत्रिम चयन क्या है?
जीवाश्म किसे कहते है ?
सम्वृति लक्षण क्या है ?
सजातीय लक्षण क्या है ?
अवशेषी अंग क्या है ?

कक्षा 10वीं पाठ 1 जीवों का विकास

जीवों का विकास में आये मुख्य शब्द की परिभाषायें :

जैव-विकास (Organic evolution)  क्या है?

पृथ्वी पर वर्तमान जटिल प्राणियों का विकास प्रारम्भ में पाए जाने वाले सरल प्राणियों में परिस्थिति और वातावरण के अनुसार होने वाले परिवर्तनों के कारण हुआ। सजीव जगत में होने वाले इस परिवर्तन को जैव-विकास (Organic evolution) कहते हैं।

प्रजाति की परिभाषा क्या है ?

ग्रीन (Green) के अनुसार, प्रजाति एक बड़ा जैविकीय मानव-समूह है जिसमें अनेक विशेष आनुवंशिक लक्षण पाए जाते हैं, जो कुछ सीमा के अन्दर भिन्न होते हैं.

अनुकूलन क्या है?

अनुकूलन किसी विशेष वातावरण में सुगमता पूर्वक जीवन व्यतीत करने एवं वंशवृद्धि के लिए जीवों के शरीर में रचनात्मक एवं क्रियात्मक स्थायी परिवर्तन उत्पन्न होने की प्रक्रिया है। यह शरीर का अंग या स्थिति नहीं बल्कि एक प्रक्रिया है

प्राकृतिक चयन क्या है?

प्राकृतिक चयन मुख्य प्रक्रिया है जो जीवों को बेहतर अस्तित्व के लिए अपने पर्यावरण के अनुकूल बनाने और इंटरब्रीडिंग के माध्यम से आबादी में व्यक्तियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति देती है। प्राकृतिक चयन विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
विविधता, वंशानुक्रम, जनसंख्या वृद्धि की उच्च दर, अंतर अस्तित्व और प्रजनन डार्विन की प्राकृतिक चयन की प्रक्रिया के पांच चरण हैं।
लंबे गर्दन वाले जिराफ की प्रमुखता प्राकृतिक चयन का एक और उदाहरण है। छोटी गर्दन वाले जिराफ की तुलना में लंबे गर्दन वाले जिराफ बेहतर खिलाने में सक्षम हैं।

कृत्रिम चयन क्या है

कृत्रिम चयन जानवरों और पौधों के चयनात्मक प्रजनन है जो वांछनीय और अंतर्निहित वर्णों के साथ संतान पैदा करते हैं। कृत्रिम चयन वांछित पात्रों की एक मानव निर्मित चयन प्रक्रिया है, और यह मुख्य रूप से पशुधन और बेहतर फसलों में उपयोग किया जाता है।\
बेल्जियम की गाय अपने त्वरित दुबले मांसपेशियों की वृद्धि के कारण चयनात्मक प्रजनन द्वारा बनाए रखी जाती है।

 जीवाश्म किसे कहते है ?

पृथ्वी पर किसी समय जीवित रहने वाले अति प्राचीन सजीवों के परिरक्षित अवशेषों या उनके द्वारा चट्टानों में छोड़ी गई छापों को जो पृथ्वी की सतहों या चट्टानों की परतों में सुरक्षित पाये जाते हैं उन्हें जीवाश्म (जीव + अश्म = पत्थर) कहते हैं। जीवाश्म से कार्बनिक विकास का प्रत्यक्ष प्रमाण मिलता है। इनके अध्ययन को जीवाश्म विज्ञान या पैलेन्टोलॉजी कहते हैं।

सम्वृति लक्षण क्या है ?

सम्वृति  अंग –  भिन्य  भिन्य  जीवधारियों के ऐसे  अंग जो कार्य में तो समान  होते है परन्तु उत्पत्ति में एक दूसरे से भिन्य  होते है समवर्ती अंग  कहलाते है | 
उदहारण = चिड़िया का  पंख एवं  किट का पंख
और ऐसे लक्षण प्रदर्शित करना संवृति लक्षण कहलाता है .

सजातीय लक्षण क्या है ?

समजात अंग – विभिन्य जीवधारी के ऐसे अंग जो उत्पत्ति  के आधार पर  समान होते है परन्तु कार्य के आधार पर   भिन्य  होते है | समजात  अंग कहा जाता है |  उदहारण  –  हेल  का पिलपर और चमगादड़ का पंख |
और ऐसे लक्षण प्रदर्शित करना सजातीय लक्षण कहलाता है .

अवशेषी अंग क्या है ?

अवशेषी अंग -जीवो के ऐसे  अंग जिनमे काफी समय  पहले कार्य समपर्ण किये जाते थे | लेकिन धीरे धीरे उन अंगो की उपयोगिता नहीं रही गई  तथा जो इस कारण पृष्ट भूमि में चले गए , अवशेषी अंग अंग कहा जाता है| 
 उदाहरण = मानव में वर्मीफॉर्म अपेंडिक्स , बाह्य कान  की पेशिया , पुच्छ कशेरुक आदि  | 

जीवों का विकास से आधारित वीडियो क्लास

कक्षा 10वीं पाठ 1 जीवों का विकास

कृत्रिम चयन  व प्राकृतिक चयन में अंतर में क्या अंतर है ?

मनुष्य द्वारा चयनित लक्षणों के अनुसार जीवों में परिवर्तन लाने की प्रक्रिया कृत्रिम चयन है। प्रकृति में निरंतर होने वाली चयन की प्रक्रिया जिनमें भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लक्षणों का चयन होता रहता है, प्राकृतिक चयन कहा जाता है।
प्राकृतिक चयन एक प्रकृति-निर्मित चयन है, और कृत्रिम चयन एक मानव-निर्मित चयन है। 
प्राकृतिक चयन: प्राकृतिक चयन एक विशाल जैविक विविधता का उत्पादन करता है।
कृत्रिम चयन: कृत्रिम चयन चयनित लक्षणों के साथ जीवों का उत्पादन करता है।
प्राकृतिक चयन: प्राकृतिक आबादी में प्राकृतिक चयन होता है।
कृत्रिम चयन: कृत्रिम चयन मुख्य रूप से घरेलू आबादी में होता है।

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